Wednesday, April 6, 2016

मोहब्बत दिल मे कूछ ऐसी होनी चाहिये..

मोहब्बत दिल मे कूछ ऐसी होनी चाहिये...की हासिल भले दुसरे को हो....पर कमी उसको जिन्दगी भर अपनी होनी चाहीये.

उन्होने एक दिन हमसे अजब सा सवाल कर डाला,

उन्होने एक दिन हमसे अजब सा सवाल कर डाला,
कि मरते तो मुझ पर हो तो फिर जिते किसके लिये हो..??

क्युँ तुले हो जान लेने को

क्युँ तुले हो जान लेने को
जबकी जान भी तुम हो
और ये जानते भी तुम हो.

सफर तो तुम्हारे साथ बहुत छोटा था

सफर तो तुम्हारे साथ बहुत छोटा था 
मगर यादगार हो गये तुम जिन्दगी भर के लिये

वो लोग वाकई रिश्तो की अहमियत समझते हैं..

वो लोग वाकई रिश्तो की अहमियत समझते हैं..
जो अपनी गलती ना होते हुए भी झुकते है💞💞💞

कभी ये मत सोचना की याद नही करते हम,

कभी ये मत सोचना की याद नही करते हम,
रात की आखरी और सुबह की पहली सोच हो तुम.

सामने होते हुए भी तुझसे दूर रहना..

सामने होते हुए भी तुझसे दूर रहना..
बेबसी की इससे बड़ी मिसाल क्या होगी...

दो चम्मच हंसी और चुटकी भर नखरे तेरे....

दो चम्मच हंसी और चुटकी भर नखरे तेरे....
बस अब यही है खुशी की खुराक मेरी....

"तलब.. बस इतनी सी...

"तलब.. बस इतनी सी...
वो अपना हक जताये मुझ पे"..

यूँ ही नही गूँजती किलकारियाँ हर आँगन के कोने मै।

यूँ ही नही गूँजती किलकारियाँ हर आँगन के कोने मै।
जान हथेली पर रखना पड़ती है,हर माँ को माँ होने मै।😊🙏🏻
महिला दिवस की बधाई एवम शुभकामनाएँ.

दिल में उसके लिए इज़्ज़त और भी बढ़ गयी,

दिल में उसके लिए इज़्ज़त और भी बढ़ गयी,
जब उसने कहा, तुम्हे छोड़ सकती हु पर माँ बाप को नही..

★★मैं तो जान बूझ कर

★★मैं तो जान बूझ कर ‪#‎class‬ में ‪#‎शैतानियाँ‬ किया करता था..... ★★ताकि ‪#‎Teacher‬मुझे ‪#‎Black_Board‬ के पास ‪#‎खड़ा‬ कर दे, और मै उसे आराम से ‪#‎dekhta‬ रहूँ.. ★★

क्या लिखू उसकी सूरत-ए तारीफ में

क्या लिखू उसकी सूरत-ए तारीफ में
अल्फाज खत्म हो गए है उसकी अदाएं देख-देख के..

तुम मिल गई हो तो खुदा भी नाराज़ है मुझ से …!!

तुम मिल गई हो तो खुदा भी नाराज़ है मुझ से …!!
कहता है की अब तो तू कुछ माँगता ही नही…!!

कोशिश के बावजूद भी जो पूरी न हो सके ,.,

कोशिश के बावजूद भी जो पूरी न हो सके ,.,
हाँ ..! तेरा नाम भीं उन्हीं ख्वाइशों में से है ,.,!!

कितने कम लफ्जों मे जिंदगी

कितने कम लफ्जों मे जिंदगी को बयान करूँ लो तुम्हारा नाम लेकर किस्सा तमाम करूँ !!

अक्सर वही रिश्ते टूट जाते हैं....

अक्सर वही रिश्ते टूट जाते हैं....
जिसे सम्भालनें की अकेले कोशिश की जाती..हैं

हाथ पर हाथ रखा उसने तो मालूम हुआ

हाथ पर हाथ रखा उसने तो मालूम हुआ
अनकही बात को इस तरह भी कहा जाता है...

बेटी शादी के मंडप में या ससुराल जाने पर पराई नहीं लगती.

बेटी शादी के मंडप में या ससुराल जाने पर पराई नहीं लगती.
जब वह मायके आकर हाथ मुंह धोने के बाद बेसिन के पास टंगे नैपकिन के बजाय अपने बैग के छोटे से रुमाल से मुंह पौंछती है
तब वह पराई लगती है. जब वह रसोई के दरवाजे पर अपरिचित सी ठिठक जाती है
तब वह पराई लगती है. जब वह पानी के गिलास के लिए इधर उधर आँखें घुमाती है तब वह पराई लगती है. जब वह पूछती है वाशिंग मशीन चलाऊँ क्या 
तब वह पराई लगती है. जब टेबल पर खाना लगने के बाद भी बर्तन खोल कर नहीं देखती
तब वह पराई लगती है.जब पैसे गिनते समय अपनी नजरें चुराती है
तब वह पराई लगती है.जब बात बात पर अनावश्यक ठहाके लगाकर खुश होने का नाटक करती है
तब वह पराई लगती है..... और लौटते समय 'अब कब आएगी' के जवाब में 'देखो कब आना होता है' यह जवाब देती है
तब हमेशा के लिए पराई हो गई सी लगती है.
लेकिन गाड़ी में बैठने के बाद जब वह चुपके से अपनी कोर सुखाने की कोशिश करती है तो वह परायापन एक झटके में बह जाता है।

मोहब्बत दिल मे कूछ ऐसी होनी चाहिये...

मोहब्बत दिल मे कूछ ऐसी होनी चाहिये...की हासिल भले दुसरे को हो....पर कमी उसको जिन्दगी भर अपनी होनी चाहीये.